बगीचा गौरव पथ टेंडर पर बड़ा सवाल! 1000 करोड़ नहीं, 10 करोड़ की परियोजना में अनियमितताओं के गंभीर आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

बगीचा गौरव पथ टेंडर पर बड़ा सवाल! 1000 करोड़ नहीं, 10 करोड़ की परियोजना में अनियमितताओं के गंभीर आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

जशपुर/बगीचा। नगर पंचायत बगीचा में प्रस्तावित गौरव पथ निर्माण कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ठेकेदार विकास कुमार जायसवाल ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को लिखित शिकायत भेजकर निविदा प्रक्रिया में अनियमितता, पक्षपात और नियमों में बदलाव के आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार लगभग 10 करोड़ रुपये (1000.23 लाख) की लागत वाले गौरव पथ निर्माण कार्य के लिए जारी ई-टेंडर में शुरुआत से ही संदिग्ध शर्तें रखी गईं। आरोप है कि पहले जारी की गई PQ (Pre-Qualification) शर्तों वाली निविदा को बिना स्पष्ट कारण निरस्त कर दिया गया और बाद में नई एवं परिवर्तित शर्तों के साथ दोबारा टेंडर जारी किया गया।

ठेकेदार का दावा है कि विभाग द्वारा पिछले पांच वर्षों में गौरव पथ (डामर सड़क सहित) के बहुत कम कार्य कराए गए हैं। ऐसे में बगीचा की इस बड़ी परियोजना के लिए रखी गई शर्तों को लेकर संदेह पैदा हो रहा है कि कहीं पूरी प्रक्रिया किसी विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तो नहीं बनाई गई।

शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को सीमित करने और पूर्व निर्धारित ठेकेदार को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है। साथ ही विभाग के उच्च अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है।

मामले को गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने नगरीय प्रशासन विभाग से निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत की प्रतिलिपि नगरीय प्रशासन मंत्री, विभागीय सचिव तथा जशपुर कलेक्टर को भी भेजी गई है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बगीचा गौरव पथ की टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, या फिर जांच में कोई बड़ा खुलासा सामने आएगा?