कुनकुरी मे हुए रामकथा मंच से गौ सम्मान अभियान का किया गया आह्वान,देश भर में होगा 27 अप्रैल को विशाल गौ सम्मान रैली,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या के साथ 7000 हजार गौ भक्तों ने भरी हुंकार

कुनकुरी मे हुए रामकथा मंच से गौ सम्मान अभियान का किया गया आह्वान,देश भर में होगा 27 अप्रैल को  विशाल गौ सम्मान रैली,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या के साथ 7000 हजार गौ भक्तों ने भरी हुंकार

जशपुर - गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने पूरे भारत देश में 27 अप्रैल को गौ भक्तों द्वारा गौ सम्मान रैली निकालकर गौ सम्मान दिवस मनाने का संकल्प को लेकर देश के हर कोने कोने तक प्रचार प्रसार में गौ सेवक लगे हैँ।गौ सम्मान दिवस को सफल बनाने महाभियान के रूप मे हर सनातन मंच से भी किया जा रहा है।

 गौ माता की सेवा,सुरक्षा व सम्मान को मौलिक अधिकार दिलवाना

गौ माता पर हो रहे अत्याचार के विरुद्ध केंद्र व राज्य सरकार से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देकर गौ हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाकर उनके संरक्षण हेतु उचित कानून व अनुसन्धान की मांग की जा रही है।इस गौ सम्मान अभियान को देश भर के संत,महात्मा,मुनियों,आचार्यों,गौ संत,गौ सेवकों,सनातनी बन्धुओं द्वारा निःस्वार्थ भाव से बिना किसी पद गौ सिर्फ प्रचार प्रसार सम्पर्क व हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जन जन तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया है।गौ माता हमारी माता का भाव लेकर प्रधान संरक्षक,गौ माता व अध्यक्ष नंदी बाबा के सानिध्य मे अभियान को बढ़ाया जा रहा है।जिसे देश का हर वर्गों का पूर्ण समर्थन मिल रहा है।

 

चार चरणों मे होगा यह अभियान

गौ सम्मान दिवस अभियान का सम्पूर्ण राष्ट्र में चार चरणों में होगा।प्रथम चरण मे देश के प्रत्येक तहसील, ब्लाक,अनुमंडल अधिकारी और द्वितीय चरण में जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति,माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र देना है।

गौ सम्मान दिवस का मुख्य उद्देश्य

    

 केंद्र सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों से राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के हित में संविधान के दायरे मे रहकर अहिंसक तरीके से प्रार्थना कर समूर्ण भारतीय देशी गोवंश को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करवाना।भारत मे गौ हत्या पर पूर्णतः प्रतिबंध लगे,गौ हत्या पूर्णतः समाप्त हो,गौ माता को राष्ट्रमाता,राष्ट्रदेव, राष्ट्र आराध्य,राष्ट्र धरोहर अथवा राष्ट्र आधार का सम्मानित पद प्रदान करें।गौ सेवा हेतु केंद्रीय कानून लागु हो और केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय बने,गोचर बोर्ड बने,चारा सुरक्षा नीति तय हो,गौ आधारित कृषि सुनिश्चित हो।

  गौ सेवा और गौ रक्षा के माध्यम से होने वाले राष्ट्र रक्षा एवं संस्कृति रक्षा के इस निष्काम और पवित्र अभियान में सम्मिलित होकर भागीदार बनें।