जल जीवन मिशन को मिली नई मजबूती, कलेक्टर रोहित व्यास ने सरपंचों और पंप ऑपरेटरों को दिया सफल संचालन का मंत्र

जल जीवन मिशन को मिली नई मजबूती, कलेक्टर रोहित व्यास ने सरपंचों और पंप ऑपरेटरों को दिया सफल संचालन का मंत्र

*कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत सरपंच, सचिव एवं पंप ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न*

*जशपुरनगर 10 जून 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं संधारण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार, जशपुर में सरपंचों, सचिवों एवं पंप ऑपरेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जशपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित विभाग के समस्त सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं जिला समन्वयक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिले के सभी हर घर जल ग्रामों के सरपंच, सचिव एवं पंप ऑपरेटरों ने सक्रिय सहभागिता ली।

         कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जल संरक्षण, योजनाओं के संचालन एवं संधारण तथा सामुदायिक स्वामित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं के हस्तांतरण के उपरांत उनके सफल संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों से योजनाओं के दीर्घकालिक एवं सतत संचालन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

         जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार ने 15 वें वित्त आयोग के टाइड फंड का उपयोग नल-जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण कार्यों में प्राथमिकता से किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों की जानकारी देते हुए उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

         

कार्यशाला में जल प्रदाय और योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव तथा समुदाय आधारित प्रबंधन व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान योजनाओं के संचालन एवं संधारण हेतु आवश्यक वित्तीय संसाधनों के संकलन, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। 

         

पंप ऑपरेटरों के तकनीकी कौशल उन्नयन पर विशेष बल देते हुए उन्हें योजनाओं के बेहतर संचालन, रखरखाव एवं समस्या निवारण संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जल गुणवत्ता परीक्षण एवं पेयजल की नियमित जांच की प्रक्रिया पर भी विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें जल प्रदाय योजनाओं के संचालन, रखरखाव एवं प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जो भविष्य में योजनाओं के सफल संचालन में सहायक सिद्ध होगी।