संघर्ष से सफलता की कहानी: जिला प्रशासन द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्था से नेहा खाखा बनीं प्रेरक पहचान,

संघर्ष से सफलता की कहानी: जिला प्रशासन द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्था से नेहा खाखा बनीं प्रेरक पहचान,

*संघर्ष से सफलता तक: कुनकुरी की नेहा खाखा बनीं नवगुरुकुल की प्रेरक पहचान*

*जिला प्रशासन द्वारा संचालित नवगुरुकुल से मिली दिशा*

*फाइनेंस जूनियर एसोसिएट के रूप में कार्य कर बनी आत्मनिर्भर*

जशपुरनगर 17 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्थान ग्रामीण एवं सामान्य पृष्ठभूमि के युवाओं को आधुनिक कौशल से सुसज्जित कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है, बल्कि जिले के युवाओं को आत्मविश्वास के साथ भविष्य निर्माण की ओर अग्रसर कर रही है। इसी नवाचारपूर्ण पहल का सशक्त उदाहरण हैं कुनकुरी की नेहा खाखा। वर्तमान में नेहा नवगुरुकुल में फाइनेंस जूनियर एसोसिएट टीम में ग्रोथ रोल पर कार्यरत हैं, जहाँ उन्हें 2.52 लाख रुपये वार्षिक पैकेज प्राप्त हो रहा है। अपनी भूमिका में वे अन्य विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करती हैं, उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करती हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहयोग प्रदान करती हैं। नेहा का कहना है कि नवगुरुकुल ने उन्हें केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। यहाँ का सहायक और प्रेरक वातावरण उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है।

*आत्मविश्वास से भरी नई उड़ान* - 

नेहा बताती हैं कि उनके पिता के निधन पश्चात उनकी माता श्रीमती ललिता खाखा परिवार की जिम्मेदारियाँ संभाल रही हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच नेहा ने शिक्षा को अपनी ताकत बनाया। उन्होंने डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, कांसाबेल से उच्च माध्यमिक शिक्षा पूर्ण की। नवगुरुकुल के बारे में उन्हें अपनी माता से जानकारी मिली। तत्पश्चात उन्होंने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, मनोरा में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेकर संस्थान के लर्निंग मॉडल को समझा। प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर उन्होंने नवगुरुकुल, जशपुर में अध्ययन प्रारंभ किया। नेहा ने नवगुरुकुल में स्कूल ऑफ फाइनेंस का चयन किया। एक वर्ष के अध्ययन के दौरान उन्होंने वित्तीय विवरण, मैनेजमेंट अकाउंटिंग, कॉस्ट अकाउंटिंग तथा टैली में दक्षता प्राप्त की। साथ ही संचार कौशल, टीम वर्क और समस्या समाधान जैसे सॉफ्ट स्किल्स में भी उल्लेखनीय सुधार किया। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें नवगुरुकुल में ही जॉब मिल गया। जहाँ वे अपनी शिक्षा जारी रखते हुए रोजगार भी प्राप्त कर रही है। वे पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, कुनकुरी से स्नातक शिक्षा भी पूर्ण कर रही हैं।

*नवगुरुकुल: कौशल विकास का सशक्त मंच* - 

जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्थान जिले के युवाओं एवं छात्राओं के लिए कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अनुशासित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। संस्थान में प्रोग्रामिंग, बिजनेस एवं फाइनेंस जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों के साथ जीवन कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी रोजगारोन्मुखी बनते हैं। नेहा खाखा की यह कहानी दर्शाती है कि समर्पित प्रयास, उचित मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलने पर ग्रामीण अंचल की बेटियाँ भी आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयाँ छू सकती हैं। नवगुरुकुल जैसी पहलें जशपुर जिले को कौशल संपन्न और सशक्त युवाओं की नई पहचान दे रही हैं।