कैलाश गुफा मंदिर का विवाद थमने का नाम नही ले रहा है,,श्रद्धालु आक्रोश में,,,कलेक्टर को सौंपे स्मरण पत्र में जल्द विवाद खत्म करने....पढ़ें पुरी मामला और जानें श्रद्धालुओं का अंतिम लड़ाई होगी क्या

कैलाश गुफा मंदिर का विवाद थमने का नाम नही ले रहा है,,श्रद्धालु आक्रोश में,,,कलेक्टर को सौंपे स्मरण पत्र में जल्द विवाद खत्म करने....पढ़ें पुरी मामला और जानें श्रद्धालुओं का अंतिम लड़ाई होगी क्या

“वादों की खुली पोल: कैलाश गुफा मंदिर अब भी बंद, श्रद्धालुओं में आक्रोश; कलेक्टर को सौंपा रिमाइंडर”

जशपुर,07 अप्रैल। 

जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने के विरोध में श्रद्धालुओं और संत समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्टर को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग तेज कर दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कोरोना काल से बंद यह मंदिर आज तक नहीं खोला गया है, जिससे लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल बना हुआ है।

स्मरण पत्र में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, पूज्य गहिरा गुरु की प्रेरणा से भक्तों एवं संत समाज के सहयोग से निर्मित एक प्रमुख आस्था केंद्र है। इसके बावजूद समिति के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह द्वारा मंदिर को बंद रखा गया है।

श्रद्धालुओं ने बताया कि 5 अक्टूबर 2025 को मंदिर खोलने के लिए ज्ञापन दिया गया था, जिस पर सनातन संत समाज के सचिव खिरेन्द्र सिंह द्वारा 45 दिनों के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके तीन माह बीत जाने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।

इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में समिति अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह एवं प्रतिनिधि नन्दगोपाल यादव (पकरीटोली) द्वारा लिखित घोषणा करते हुए 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) तक मंदिर खोलने की जिम्मेदारी ली गई थी, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं किया गया।

स्मरण पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर खोलने की मांग को लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस दौरान 81 वर्षीय बुजुर्ग सियाराम यादव के साथ अध्यक्ष के पुत्र राजू सिंह द्वारा 21 सितंबर 2025 को मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश व्याप्त है।

उल्लेखनीय है कि श्रद्धालुओं की समस्या को देखते हुए कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा कैलाश गुफा पहुंचकर मंदिर खुलवाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन समिति अध्यक्ष द्वारा अब तक मंदिर का ताला नहीं खोला गया है।

श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर के संचालन के लिए आज तक कोई विधिवत समिति का गठन नहीं किया गया है। वहीं 5 फरवरी 2026 को संत समाज द्वारा इस मुद्दे को लेकर बड़ा जन आंदोलन भी किया जा चुका है, परंतु स्थिति यथावत बनी हुई है।

कलेक्टर को दिए गए स्मरण पत्र में मांग की गई है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर मंदिर को शीघ्र खुलवाए और नई समिति का गठन कर व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता बनी रहे।

इस संबंध में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, सांसद चिन्तामणी महाराज, जशपुर विधायक, कमिश्नर सरगुजा संभाग, कलेक्टर सरगुजा तथा पुलिस अधीक्षक जशपुर को भी प्रतिलिपि प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

बहरहाल, मंदिर बंद होने के बावजूद श्रद्धालु बाहर से ही जल चढ़ाने को मजबूर हैं। श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मंदिर नहीं खोला गया तो पदयात्रा के माध्यम से आंदोलन को जिले से संभाग और प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।