शिक्षा के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को किया गया नमन, प्रधान पाठक किशोर केरकेट्टा को भावभीनी विदाई
शिक्षा के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को किया गया नमन, प्रधान पाठक किशोर केरकेट्टा को भावभीनी विदाई
तम्बाकछार स्कूल में आयोजित हुआ सम्मान समारोह, शिक्षकों ने उनके शैक्षणिक योगदान और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण को किया याद
बगीचा (जशपुर)। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तम्बाकछार, संकुल भीतघरा, विकासखंड बगीचा में प्रधान पाठक श्री किशोर केरकेट्टा के सेवानिवृत्त होने पर सम्मानपूर्ण एवं भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने उनके लंबे शैक्षणिक सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम में संकुल के प्राचार्य श्री महेश केरकेट्टा तथा बीआरसी कार्यालय से एम.आई.एस. श्रीमती ममता शर्मा की विशेष उपस्थिति रही। वहीं, संकुल समन्वयक श्री कविराज यादव ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में संकुल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार देने में निभाई अहम भूमिका
विदाई समारोह के दौरान वक्ताओं ने श्री किशोर केरकेट्टा के सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार, अनुशासन और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देना भी है। श्री केरकेट्टा ने अपने सेवाकाल में इन जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने का प्रयास किया। विद्यालय के प्रति उनकी निष्ठा, कार्य के प्रति जिम्मेदारी और बच्चों के प्रति समर्पण को उपस्थित शिक्षकों ने प्रेरणादायी बताया।
भावुक माहौल में दी गई विदाई, सुखमय भविष्य की कामना
समारोह के दौरान शिक्षकों ने श्री किशोर केरकेट्टा के साथ बिताए गए अनुभवों और स्मृतियों को साझा किया। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। सभी ने उनके स्वस्थ, सुखमय एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
शिक्षकों ने कहा कि सेवानिवृत्ति शासकीय सेवा का एक पड़ाव है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अच्छे कार्यों और विद्यार्थियों के जीवन में दिए गए योगदान की स्मृतियां सदैव जीवित रहती हैं। श्री किशोर केरकेट्टा की सेवाएं और उनका शैक्षणिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह ने गुरु के प्रति सम्मान, शिक्षा के प्रति समर्पण और वर्षों की सेवाओं के प्रति कृतज्ञता का भावपूर्ण संदेश दिया।





















