जिला स्तरीय करमा पूजा में दिखी समाज की ऐतिहासिक एकजुटता, संस्कृति संरक्षण, शिक्षा और नशामुक्ति का लिया संकल्प

जिला स्तरीय करमा पूजा में दिखी समाज की ऐतिहासिक एकजुटता, संस्कृति संरक्षण, शिक्षा और नशामुक्ति का लिया संकल्प

मांदर की थाप पर रातभर थिरका नगेसिया समाज, साहीडांड में उमड़ा 8 से 10 हजार लोगों का जनसैलाब

जिला स्तरीय करमा पूजा में दिखी समाज की ऐतिहासिक एकजुटता, संस्कृति संरक्षण, शिक्षा और नशामुक्ति का लिया संकल्प

साहीडांड। बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत साहीडांड में जिला स्तरीय नगेसिया समाज की वार्षिक करमा पूजा बड़े ही धूमधाम, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस भव्य आयोजन में जिलेभर से लगभग 8 से 10 हजार की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। मांदर की गूंज, पारंपरिक करमा गीत और लोकनृत्य ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। वहीं सामाजिक उत्थान, शिक्षा, नशामुक्ति और सांस्कृतिक विरासत को बचाने पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श भी हुआ।

करमा कथा सुनकर महिलाओं ने तोड़ा निर्जला व्रत

करमा पूजा के अवसर पर महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ निर्जला उपवास रखा। करमा की कथा सुनने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार महिलाओं ने अपना व्रत पूरा किया। इसके बाद समाज की महिलाएं एवं पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में सजकर मांदर की थाप पर रातभर करमा नृत्य करते रहे। पूरी रात करमा देव की सेवा-अर्चना की गई। सुबह दूध से करम डाली को स्नान कराकर पूजा-अर्चना की गई और विधिवत विसर्जन की परंपरा निभाई गई।

संस्कृति और परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प

आयोजन में समाज की सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने और पारंपरिक रीति-रिवाजों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि करमा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नगेसिया समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि अपनी लोकसंस्कृति और पूर्वजों की विरासत को संरक्षित रखे।

नशामुक्त समाज और शिक्षा को बताया तरक्की का रास्ता

सामाजिक विचार-विमर्श के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने नशामुक्त समाज निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा से ही संभव है। इसलिए प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के साथ समाज के संस्कार, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना जरूरी है। पदाधिकारियों ने युवाओं से सामाजिक एकता बनाए रखने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

8 से 10 हजार लोगों की मौजूदगी ने दिखाई समाज की ताकत

जिला स्तरीय करमा पूजा में उमड़ी हजारों की भीड़ ने नगेसिया समाज की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का शानदार परिचय दिया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों की संख्या में समाज के लोग अपने परिवार सहित पहुंचे। प्रदेश, संभाग और मंडल स्तर के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप और सामूहिक करमा नृत्य के बीच साहीडांड में सामाजिक एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

प्रदेश, संभाग, मंडल एवं जिला स्तर के पदाधिकारी रहे मौजूद

इस जिला स्तरीय आयोजन में समाज के जिला संरक्षक मंगन राम पंडा, प्रांताध्यक्ष धनराम, प्रांत उपाध्यक्ष रामलाल नागेश, संभाग सह सचिव सुखनाथ राम, जिला अध्यक्ष रामप्रसाद राम, बगीचा जनपद अध्यक्ष गायत्री नागेश, जिला सचिव अर्जुन नागदेव, कोषाध्यक्ष नान राम, कुनकुरी मंडल अध्यक्ष राजेंद्र, बगीचा मंडल अध्यक्ष नेमीचंद नागेश, पूर्व जनपद सदस्य महादेवडांड दीपक नागेश, बगीचा मंडल सचिव पुरन नागेश, बगडोल सरपंच कौशल्या बाई, जशपुर मंडल अध्यक्ष बिहानू राम, जिला कर्मचारी अध्यक्ष जशपुर चमरू राम, जिला सचिव तिरथू राम, कुर्रोग के पूर्व जनपद सदस्य आत्मा राम, बलराम नागेश, सरगुजा अध्यक्ष रसिया राम, सरगुजा संरक्षक कुंवरसाय तथा पूर्व प्रांताध्यक्ष प्रदीप नागराज सहित प्रदेश, संभाग, मंडल एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी और समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

सामाजिक एकता, संस्कृति और शिक्षा का संदेश देकर संपन्न हुआ आयोजन

साहीडांड में आयोजित जिला स्तरीय करमा पूजा ने यह संदेश दिया कि समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता, संस्कृति और संस्कारों में निहित है। हजारों लोगों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया। मांदर की थाप पर थिरकते कदमों के साथ समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखने और शिक्षित, नशामुक्त एवं संगठित समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।