घर-घर होगी टीबी की खोज, मुफ्त जांच और दवा से बनेगा टीबी मुक्त जशपुर
टीबी मुक्त भारत अभियान
कलेक्टर ने नोडल अधिकारी की ली बैठक
जिले के 444 ग्राम पंचायतों में टीबी मुक्त करने मिशन मोड में किया जाएगा कार्य
मरीजों का चिन्हांकन करके जांच उपरांत दी जाएगी निशुल्क दवा
जशपुर 28 जुलाई 2026/ टीबी मुक्त भारत अभियान: कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक विगत दिवस 27 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया।
उन्होंने विकासखंड एवं नगरीय निकायों लिए नोडल अधिकारियों को 'टीबी मुक्त भारत अभियान का जिले में बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर नोडल अधिकारियों को अपने-अपने आबंटित क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि टीम सघन जांच व उपचार: स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से घर-घर टीबी मरीजों की पहचान (Active Case Finding) कर समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
निक्षय मित्र व पोषण योजना के तहत पोषण किट वितरण एवं समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए निक्षय मित्रों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीएस जात्रा के द्वारा बताया गया कि
प्रति 1,000 की जनसंख्या पर 30 संदेहास्पद (Suspected) मरीजों की 'नाट (NAAT) मशीन' से जांच कराना अनिवार्य है।
जिले की कुल 444 ग्राम पंचायत है सभी ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त करने हेतु मिशन मोड में कार्य करना अनिवार्य है।
जिला टीबी नोडल अधिकारी के द्वारा
टीबी के प्रमुख लक्षण के बारे में विस्तार से बताया गया जिसमें 2 सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना तथा शाम को बुखार आना आदि। एवं हाय-रिस्क (High-Risk) समूह 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, डायबिटीज मरीजों, धूम्रपान ,शराब का सेवन करने वालों व अन्य गंभीर मरीजों की प्राथमिक स्तर पर जांच कराने हेतु जानकारी दिया गया
उन्होंने कहा कि जिले के निर्धारित स्वास्थ्य लक्ष्यों और टीबी उन्मूलन के सभी टारगेट को पूरा करने के लिए दिसंबर तक की समय-सीमा (Deadline) तय की गई है का जानकारी समस्त नोडल अधिकारी को दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








