आंगनबाड़ी संघ की नई कमान किसके हाथ? 20 सितंबर को होगा बड़ा फैसला
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ में प्रांताध्यक्ष चुनाव को लेकर बड़ा फैसला
सर्वसम्मति नहीं बनी तो 20 सितंबर को होगा लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन, 6 सितंबर तक सदस्यता की अंतिम तिथि
जशपुर/रायगढ़, 7 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक 409) की महासमिति बैठक में संगठन के आगामी नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में संगठन की एकता और लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखते हुए प्रांताध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से किए जाने पर जोर दिया गया। वहीं, यदि सभी जिलों के पदाधिकारियों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो 20 सितंबर 2026 को महासमिति की बैठक में प्रांताध्यक्ष का विधिवत निर्वाचन कराया जाएगा।
बैठक में प्रांतीय संयोजक देवेन्द्र पटेल ने संघ के संविधान एवं नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि संगठन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ही लिए जाएंगे। उन्होंने संघ की मजबूती के लिए आपसी एकता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को आवश्यक बताया।
प्रांताध्यक्ष पद के लिए कई नाम प्रस्तावित
बैठक के दौरान प्रांताध्यक्ष पद के लिए अनिता नायक, कविता यादव, सुमन यादव, भारती मिश्रा एवं अनुपा कुशवाहा सहित कई नाम सामने आए। सभी जिलाध्यक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी एक नाम पर एकमत सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद संगठन के संविधान के अनुसार चुनाव कराने का निर्णय लिया गया।
6 सितंबर तक सदस्यता, 20 सितंबर को चुनाव
महासमिति की बैठक में तय किया गया कि 6 सितंबर 2026 तक सदस्यता की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद 20 सितंबर 2026 को महासमिति की बैठक आयोजित कर प्रांताध्यक्ष का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा।
कई जिलों के पदाधिकारियों ने रखे विचार
बैठक में जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, दुर्ग, कोरबा, कांकेर, महासमुंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों एवं आजीवन सदस्यों ने भाग लिया। सदस्यों ने संगठन की एकता, पारदर्शिता और संविधान के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
सदस्यों से सक्रिय सहभागिता की अपील
संघ की ओर से सभी जिला एवं परियोजना पदाधिकारियों से अपील की गई है कि महासमिति की कार्यवाही एवं निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी अपने-अपने क्षेत्रों के सभी आजीवन सदस्यों तक पहुंचाएं। साथ ही आगामी निर्वाचन में अधिक से अधिक सदस्यों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है।
संघ की महासमिति में लिए गए इस निर्णय के बाद अब सभी की नजरें 20 सितंबर को होने वाले प्रांताध्यक्ष के निर्वाचन पर टिकी हैं।








