*बाल गृह बालिका जशपुर की एक बालिका को मिला परिवारिक संरक्षण,पालन पोषण व देखरेख हेतु नियमानुसार पोषक परिवार को सौंपा गया दायित्व*
*बाल गृह बालिका जशपुर की एक बालिका को मिला पारिवारिक संरक्षण*
*पालन-पोषण व देखरेख हेतु नियमानुसार पोषक परिवार को सौंपा गया दायित्व*
जशपुरनगर 31 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा के मार्गदर्शन में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक और सार्थक पहल की गई। शासन की मंशा के अनुरूप निराश्रित बालक-बालिकाओं को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्हें पोषक परिवारों के सुपुर्द किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत अब तक 07 बालक-बालिकाओं को सुरक्षित रूप से पोषक परिवारों को सौंपा जा चुका है।
इसी क्रम में बाल कल्याण समिति जशपुर द्वारा संचालित समर्पित बाल गृह बालिका जशपुर में निवासरत 01 बालिका को नियमानुसार पालन-पोषण एवं देखरेख हेतु अस्थायी आदेश पारित करते हुए पोषक परिवार को सौंपा गया। संबंधित परिवार द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई जशपुर में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दस्तावेजों के विधिवत परीक्षण एवं सत्यापन के उपरांत बालिका और परिवार के बीच मैचिंग प्रक्रिया पूर्ण की गई, जिसमें बालिका ने स्वयं परिवार के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की तथा परिवार ने भी उसे अपनाने की सहमति दी।बालिका की सहमति एवं परिवार की तत्परता को दृष्टिगत रखते हुए, बाल कल्याण समिति द्वारा पालन-पोषण एवं संरक्षण हेतु आदेश पारित किया गया, जिससे बालिका को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण प्राप्त हो सके।
इस संपूर्ण कार्यवाही में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नितिन राय, सदस्य संदीप पाठक, रामेश्वर विश्वकर्मा, हेमा शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी चंद्रशेखर यादव, प्रभारी संरक्षण अधिकारी रमावती सिंह, सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस इन अल्टरनेटिव केयर के जिला कार्यक्रम अधिकारी उमाशंकर पांडेय तथा जिला बाल संरक्षण इकाई जशपुर के अमले का विशेष सहयोग रहा।
यह पहल जिले में बाल संरक्षण और वैकल्पिक देखरेख की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बच्चों को संस्थागत देखरेख के स्थान पर पारिवारिक स्नेह और सुरक्षा का अवसर मिल रहा है।








