नशे पर प्रहार, साइबर अपराध पर वार और यातायात सुधार का संकल्प; सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगी ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि
बगीचा में पुलिस मितानों ने लिया जनसुरक्षा का संकल्प,सैकड़ों सदस्य बैठक में जुटे,हर गांव में सुरक्षा का संदेश पहुंचाएंगे पुलिस मितान,नशे के विरुद्ध अभियान के साथ बेहतर यातायात के लिए बनी रणनीति।
बगीचा। पुलिस और जनता के बीच समन्वय मजबूत करने तथा गांव-गांव में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बगीचा पुलिस थाना परिसर में पुलिस मितान की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बगीचा ब्लॉक के विभिन्न गांवों से पहुंचे सैकड़ों पुलिस मितानों ने हिस्सा लिया। डीएसपी यातायात के.आर. चौहान, एसडीओपी दिलीप कोसले, पत्रकार योगेश थवाईत, पार्षद अनिमा सहित स्थानीय पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
यातायात से लेकर अपराध नियंत्रण तक निभाएंगे भूमिका
बैठक को संबोधित करते हुए डीएसपी यातायात के.आर. चौहान ने कहा कि पुलिस मितान के माध्यम से बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत बनाना है। पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
उन्होंने पुलिस मितानों को अपने-अपने गांवों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने, नशे के विरुद्ध अभियान में सहयोग करने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
हादसे में घायलों की मदद करें, मिलेगी 25 हजार की प्रोत्साहन राशि
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए शासन की प्रोत्साहन योजना की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि निर्धारित पात्रता और नियमों के तहत पात्र मददगार को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य दुर्घटना के समय घायलों की मदद के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
टी-शर्ट देकर पुलिस मितानों का सम्मान
कार्यक्रम में सभी पुलिस मितानों को टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया। बैठक ने यह संदेश दिया कि अपराध नियंत्रण, नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता जैसे कार्यों में आम नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। पुलिस मितानों के सहयोग से गांवों में जागरूकता बढ़ाने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में पहल की जाएगी।





















